बिलकुल! Tally में Opening Balance, Purchase, Payment, Sales, और Receipt क्यों और कब करते हैं, इसका संक्षिप्त उत्तर नीचे दिया गया है: 1. Opening Balance (ओपनिंग बैलेंस) 🔹 Hindi : जब आप Tally में नया कंपनी खाता बनाते हैं, तो आपको पहले से मौजूद स्टॉक और लेन-देन का बैलेंस डालना पड़ता है ताकि सही शुरुआत हो सके। 🔹 English : When you create a new company in Tally, you need to enter the existing stock and balances from previous records to start with accurate data. 2. Purchase (खरीद) 🔹 Hindi : Stock को खरीदने के समय, उसे Tally में दर्ज करते हैं ताकि Inventory और Accounts सही रहें। 🔹 English : Purchases are entered to keep track of stock bought and to update inventory and accounts. 3. Payment (भुगतान) 🔹 Hindi : जब आप किसी को पैसे देते हैं , तो Tally में Payment एंटर करते हैं ताकि आपकी liabilities कम हो सकें। 🔹 English : Payment is recorded when you make payments to vendors or creditors, reducing liabilities . 4. Sales (बिक्री) 🔹 Hindi : Sales ट्रांजेक्श...
GSTR 1 से लेकर GSTR 12 तक अलग-अलग GST रिटर्न होते हैं, जिन्हें विभिन्न प्रकार के करदाताओं को अलग-अलग समय पर दाखिल करना होता है। आइए हम इन रिटर्न्स को एक-एक करके समझते हैं और ये क्यों फाइल करते हैं: 1. GSTR 1 : कब फाइल करते हैं : यह रिटर्न सभी GST पंजीकृत व्यवसायों को अपनी बिक्री (outward supplies) की डिटेल्स रिपोर्ट करने के लिए हर महीने या तिमाही में फाइल करना होता है। क्यों फाइल करते हैं : GSTR 1 में आपको अपनी सभी आउटवर्ड सप्लाई (विक्री) की डिटेल्स देनी होती हैं, जैसे कि: B2B (Business to Business) और B2C (Business to Consumer) बिक्री निर्यात (Export) और संशोधित (Credit/Debit Notes) यह रिटर्न GSTR 3B के लिए आधार होता है, क्योंकि GSTR 1 में दी गई जानकारी को GSTR 3B में टैली किया जाता है। 2. GSTR 2A : कब फाइल करते हैं : यह एक ऑटो-जनरेटेड रिटर्न होता है, जो GSTR 1 से जुड़े लेन-देन की जानकारी को अपने आप डाउनलोड करता है। क्यों फाइल करते हैं : इसका उद्देश्य यह होता है कि करदाता अपनी खरीद (inward supplies) और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सही से रिपोर्ट कर सक...
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