GSTR 1 से लेकर GSTR 12 तक अलग-अलग GST रिटर्न होते हैं, जिन्हें विभिन्न प्रकार के करदाताओं को अलग-अलग समय पर दाखिल करना होता है। आइए हम इन रिटर्न्स को एक-एक करके समझते हैं और ये क्यों फाइल करते हैं: 1. GSTR 1 : कब फाइल करते हैं : यह रिटर्न सभी GST पंजीकृत व्यवसायों को अपनी बिक्री (outward supplies) की डिटेल्स रिपोर्ट करने के लिए हर महीने या तिमाही में फाइल करना होता है। क्यों फाइल करते हैं : GSTR 1 में आपको अपनी सभी आउटवर्ड सप्लाई (विक्री) की डिटेल्स देनी होती हैं, जैसे कि: B2B (Business to Business) और B2C (Business to Consumer) बिक्री निर्यात (Export) और संशोधित (Credit/Debit Notes) यह रिटर्न GSTR 3B के लिए आधार होता है, क्योंकि GSTR 1 में दी गई जानकारी को GSTR 3B में टैली किया जाता है। 2. GSTR 2A : कब फाइल करते हैं : यह एक ऑटो-जनरेटेड रिटर्न होता है, जो GSTR 1 से जुड़े लेन-देन की जानकारी को अपने आप डाउनलोड करता है। क्यों फाइल करते हैं : इसका उद्देश्य यह होता है कि करदाता अपनी खरीद (inward supplies) और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सही से रिपोर्ट कर सक...
बिलकुल! Tally में Opening Balance, Purchase, Payment, Sales, और Receipt क्यों और कब करते हैं, इसका संक्षिप्त उत्तर नीचे दिया गया है: 1. Opening Balance (ओपनिंग बैलेंस) 🔹 Hindi : जब आप Tally में नया कंपनी खाता बनाते हैं, तो आपको पहले से मौजूद स्टॉक और लेन-देन का बैलेंस डालना पड़ता है ताकि सही शुरुआत हो सके। 🔹 English : When you create a new company in Tally, you need to enter the existing stock and balances from previous records to start with accurate data. 2. Purchase (खरीद) 🔹 Hindi : Stock को खरीदने के समय, उसे Tally में दर्ज करते हैं ताकि Inventory और Accounts सही रहें। 🔹 English : Purchases are entered to keep track of stock bought and to update inventory and accounts. 3. Payment (भुगतान) 🔹 Hindi : जब आप किसी को पैसे देते हैं , तो Tally में Payment एंटर करते हैं ताकि आपकी liabilities कम हो सकें। 🔹 English : Payment is recorded when you make payments to vendors or creditors, reducing liabilities . 4. Sales (बिक्री) 🔹 Hindi : Sales ट्रांजेक्श...
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